Friday, 8 November 2013

मिल कर कहें कहानी ..........

एक प्रयास ---------भारत में एक नयी परम्परा शुरू हो गयी है जो कुर्सी पर जम गया वो जम गया |
नैतिकता तो है ही नहीं, अनेतिकता के आधार पर भी मौन ....!!!!!
और फिर मिल कर गाते हैं--------
.......................... तू मुझे बचा में तुझे बचाऊ ,मिल कर कहें कहानी ..

सोने की आशा

एक प्रयास ---------हज़ार टन सोने की आशा अब पुराने टूटे बरतन और पुराने सामान की निराशा मेँ बदल चुकी है ! 

.................एएसआई चीफ़ अब बयान बदल रहे हैँ  !!!!!

-- 'कहीँ ऐसा तो नही ख़जाना या हज़ार टन सोना ज़मीन के अंदर ही अंदर स्विस बैँक के कुछ विशेष ख़ातोँ (लाकरोँ)मेँ पहुँचाने का प्रबंध पहले ही हो चुका हो '   .....??????
एक प्रयास ---------लता अब राहुल के लिये भी कुछ बोलेँ ! वरना भारत रत्न वापस ले लिये जायेगा

चार दिन

एक प्रयास ---------चुनाव आयोग ने राहुल को चार दिन का समय दिया 

चालीस साल में सोच नहीं पाए कब मुह खोले और क्या बोले ...????
अब चार दिन में क्या होगा ............

नेहरू ने

नेहरू ने सरदार पटेल को कहा था सांप्रदायिक : आडवाणी

ओहो ...अब समझ आया दूसरों को साम्प्रदायिक कहने का सिलसिला भी विरासत में मिला है कोंग्रेस को ........

--सरदार पटेल

एक प्रयास ---------सरदार पटेल आज होते तो नरेंद्र मोदी से बहुत निराश होते : ---राजमोहन गांधी

.........और लोकतंत्र में राजवंश देख कर तो गदगद हो जाते

वीजा नीति

एक प्रयास ---------वीजा नीति में बदलाव नहीं, पर मोदी कर सकते हैं आवेदन : -----अमेरिका
.............क्यों ??
कहाँ गयी दादा गिरी ????
अब डर लग रहा है क्या कहीं २०१४ के बाद भारत प्रवेश पर प्रतिबन्ध ना लग जाए