Sunday, 3 November 2013

भारत की मंगल कामनाएं हमेशा हैं इस मिशन के साथ ........

एक प्रयास ---------

भारत के मंगल मिशन के लिए उल्टी गिनती शुरू--------------
'तारों के संग चन्दा बैठा , हंस -हंस मुझे चिढाता है
रोज़ बुलाता हूँ में उसको ,अपनी अकड़ दिखाता है
एक बड़े राकेट पर चढ़ा कर, चन्द्र लोक पर जाउंगा 
छाती पर चन्दा की चढ़ा कर ,मंगल का पता लगाउंगा
खोज करूंगा मंगल ,तारा राष्ट्र ध्वजा फहराऊंगा..........
ऊँची करके राष्ट्र पताका, भारत का मान बढाउंगा...........'

ये कविता है सत्तर के दशक की
चम्पक में पढ़ी थी कभी ये कविता ,
जब हमने पढ़ी इसमें एक सन्देश , एक स्वपन होने के बावजूद
हमारे लिए इसका कोई मतलब नहीं था .............

लेकिन आज .....!!!!.

समय है इसके साकार होने का .........
चंदा के सर पर तो कब से सवार हो गए आज समय है मंगल तारे की खोज का--------


मंगल की ये यात्रा मंगलमय हो .........शुभ हो और सफल हो ......
भारत की मंगल कामनाएं हमेशा हैं इस मिशन के साथ .....................

3 comments:

  1. वाह!!! बहुत सुंदर !!!!!
    उत्कृष्ट प्रस्तुति
    बधाई--

    उजाले पर्व की उजली शुभकामनाएं-----
    आंगन में सुखों के अनन्त दीपक जगमगाते रहें------

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  2. पहला कदम पूरा हुआ यह खुशी की बात है. आगे भी सब मंगलमय हो.

    रामराम.

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