Saturday, 4 October 2014

मन की बात

एक प्रयास ---------


आज विविध भारती का जन्म दिन है 3 अक्टूबर 1957 ।
आज मोदीजी भी रेडियो की राह चले तो मुझे भी अपनी कुछ यादेँ साझा करने का मन हुआ।
मैने बहुत दिन से नही सुना लेकिन एक समय था कि विविध भारती के बिना दिन पूरा नही होता था । 
नई फ़िल्मोँ के 15-20 मिनट के प्रोग्राम ,गाने और सैनिक भाइयोँ का 'जयमाला' ।
एक स्टेशन पर हर शुक्रवार नाटक सुनना ।
'अच्छा चुनमुन अब हम चले' शाम पाँच बजे एक सुरीली आवाज़ !
बहुत अच्छी यादे ताज़ा हो आयीँ आज मोदीजी के संबोधन से । '
बहुत अच्छा कदम है जो मोदीजी न शुरू किया ........जन -जन तक पहुँचने के लिए
विविध भारती' को मेरी शुभकामनायेँ और बधाई ।
प्रसारण ऐसे ही होता रहे  लोग भाव-विभोर होते रहेँ 
अपनी यादों का संग्रह बढाते रहें .....


6 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (05-10-2014) को "प्रतिबिंब रूठता है” : चर्चा मंच:1757 पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच के सभी पाठकों को
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. आभार शास्त्री जी

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  2. मुखिया के मन की बात, उसी के मुख से - अच्छा है आपसी समझ विकसित होती रहे !

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    1. सही कहा आपने एक दूसरे से सम्पर्क के रास्ते खुले हैं .....शुक्रिया प्रतिभाजी ..

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  3. Modi ji man ki baaat ke saath saath aapke mann ki baaat bhi hamse sanjha kiya ...baahut aaccha laga ... Sunder prastuti !!

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    1. लेखिका जी शुक्रिया आपका ........और मुझे लगा भावुकता में अपने मन की ही बात ज्यादा कह डाली ..........:)

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