Saturday, 23 January 2016

एक प्रयास --------नेताजी की जयंती पर विश्व का सबसे बड़ा और सबसे ऊँचा तिरंगा  उनको श्रद्धांजलि दी गयी, पहाड़ी मन्दिर परिसर में यह ध्वज दिन-रात फहरेगा|
रक्षा मंत्री ने 10.36 पर बटन दबाया तो गगन चुम्बी तिरंगा आसमान में लहराने लगा |लिखते समय भी मैं भावुक हो रही हूँ 
बेहद भावुक कर देने वाला गौरवशाली पल |जय हिन्द जय हिन्द जय हिन्द 



Saturday, 16 January 2016

एक प्रयास ---------
ज़िन्दगी क्या है तू ??
दर्द और संघर्ष से रिश्ता बचपन से रहा था
उसे पता तो था कि ज़िन्दगी के कई आयाम खिली धूप की सुनहरी चमक से हैं लेकिन उस धूप की किरणे उसकी ज़िन्दगी को चमकाने में असमर्थ रही हैं अब तक
उसकी ज़िन्दगी तो आज तक संघर्ष का पर्याय रही है
ज़िन्दगी के कई आयाम से उसके आँगन का कोई परिचय नही रहा कभी |अपने यहां लोगो को हमेशा दुःख में शामिल होते देखा
जब किसी की हंसी-ख़ुशी , नाच-गाने में शामिल हुई तो सवाल किया ज़िन्दगी क्या है तू ??
किसी के लिए धूप-छाँव तो किसी के लिए कड़ी धूप ?
किसी के लिए सुनहरी किरणें तो किसी के लिए अमावस्या की काली रात |लेकिन वो निराश नही  आशावान है
उसे प्रतीक्षा है उस सुनहरी नन्ही किरण का जो उसके लिए भी ज़िन्दगी का नया सवेरा लाएगी ई
उसके छोटे से आँगन में भी सुनहरी चमक आएगी
उसका संघर्ष रंग लाएगा उसके जीवन को महकायेगा





ठण्ड भी नन्हा बचचा

एक प्रयास ---------ठण्ड भी नन्हे बच्चे जैसी !!
जब तक स्कूल बन्द रहे ठण्ड भी छुट्टी पर रही और खिली धूप का मज़ा लेती रही 
जैसे ही स्कूल खुला  प्रतीक्षित ठण्ड भी हाज़िर बैग और बच्चों को कपड़े से लदे-फदे देखने के लिए
चेहरे तो किसानो के भी खिले
चलिए इससे पहले ये विदा ले मिलकर लुत्फ़ उठाते हैं 
जय हो शुभ हो

Monday, 11 January 2016

एक प्रयास ---------कभी संजय निरुपम सम्पादक बन कुछ लिख देते हैं तो कभी नितीश कुमार बिहार बेवसाइट पर गुणगान करते नज़र आते है और निशाने पर है बस एक परिवार ,देश का महान परिवार !
अब कोई कितनी भी सफाई दे ,कुछ भी कहें सच तो ये है कि ये ये उनके मन की सच्ची बात है शुद्ध देशी भाषा में कहें तो 'घड़ा भर' गया है |
ये कोई आश्चर्य जनक बात नही समय कभी एक सा नही रहता
और घड़ा एक न एक दिन ज़रूर भरता है |
दुनिया का कोई भी देश हो घड़ा सब जगह भरता है :):)

एक प्रयास ---------
शास्त्री सत्ता डेढ़ साल
डेढ़ साल में किया कमाल|
विरोधियों ने रचा षड्यंत्र
शास्त्री धाम ताशकन्द
धरती के लाल को शत-शत नमन
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Thursday, 24 December 2015

एक प्रयास ---------
अटल और बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी
 माननीय अटल बिहारी बाजपेयी जी को कोटि-कोटि नमन |अशेष शुभकामनाएं
आप स्वस्थ रहे ,प्रसन्न रहे :)
आपका वरद हस्त हमेशा हम पर रहे

Saturday, 1 November 2014

'शोभना सम्मान २०१३'

एक प्रयास ---------श्री प्रेमजनमेजयजी एवम् श्रीमती शोभना जी द्वारा गौरवांवित--
श्री प्रेमजनमेजयजी एवम् श्रीमती शोभना जी द्वारा गौरवांवित----  

मित्रों कल ३०-१०-१३ को गांधी शान्ति परिसर दिल्ली में 'शोभना सम्मान २०१३' संपन्न हुआ |
एक शानदार आयोजन था |
साहित्य संसार के बड़े-बड़े दिग्गज़,कई वरिष्ठ साहित्यकार,कई पत्रों के सम्पादक महोदय ,लेखक महोदय , ब्लॉग की दुनिया के कई महारथी थे , आभासी संसार के बहुत से मित्रोँ से मिलने का सुख़द अनुभव हुआ 
हर क्षेत्र के महारथी उपस्थित थे | 
भिन्न -भिन्न प्रान्त से बहुत से मित्रगण आये ,
लगा जैसे गांन्धी शान्ति परिसर में भारत के विभिन्न प्रान्त समा गये । 
एक सुखद अनुभव था
सुमित प्रताप जी अपने परिचित हलके -फुल्के अंदाज़ में तडका लगाते नज़र आये 
स्कूल-कालेज़ में कई बार उत्साह वर्धन हुआ लेकिन सार्वजानिक रूप से कई क्षेत्रोँ के दिग्गजों के साथ यूँ खडा होना पहला अनुभव रहा और इसका श्रेय सुमित भाई की संस्था को देना चाहूंगी
जिन्होंने सम्मानित कर  उत्साह बढाया |
कभी सोचा नहीं था जीवन में ऐसा भी अवसर आयेगा 
लेकिन ईश्वर की कृपा के साथ माता-पिता का आशीर्वाद :)
वो इस दुनिया में नहीं पर उनका आशीर्वाद हमेशा साथ है 
जलपान से प्रारंम्भ हुआ कार्यक्रम कई पड़ाव पार कर रात्री भोज के साथ सम्पन्न हुआ 
हर पड़ाव बेहद विशेष रहा |
शोभना संस्थान के लिए मेरी अशेष शुभकामनाएं हैं ये संस्था 
यूँही अपने लक्ष्य की और बढती रहे ,नयी-नयी प्रतिभाओं को आगे लाती रहें 
आपका हर कार्यक्रम सफल रहे |
आप को और आपकी संस्था को मेरी ढेरों शुभकामनाएं सुमित भाई .................

मित्रों कल ३०-१०-१३ को गांधी शान्ति परिसर दिल्ली में 'शोभना सम्मान २०१३' संपन्न हुआ |
एक शानदार आयोजन था |
साहित्य संसार के बड़े-बड़े दिग्गज़,कई वरिष्ठ साहित्यकार,कई पत्रों के सम्पादक महोदय ,लेखक महोदय , 
ब्लॉग की दुनिया के कई महारथी थे , आभासी संसार के बहुत से मित्रोँ से मिलने का सुख़द अनुभव हुआ 
हर क्षेत्र के महारथी उपस्थित थे |
श्री प्रेम जनमेयजी---










भिन्न -भिन्न प्रान्त से बहुत से मित्रगण आये ,
लगा जैसे गांन्धी शान्ति परिसर में भारत के विभिन्न प्रान्त समा गये ।
एक सुखद अनुभव था
श्री ज्योति खरे जी और श्री मती रेनू जी ----
श्री मती शोभना जी और सरिता भाटिया जी ----
सुमित प्रताप जी अपने परिचित हलके -फुल्के अंदाज़ में तडका लगाते नज़र आये 










स्कूल-कालेज़ में कई बार उत्साह वर्धन हुआ लेकिन सार्वजानिक रूप से कई क्षेत्रोँ के दिग्गजों के साथ यूँ खडा होना पहला अनुभव रहा और इसका श्रेय सुमित भाई की संस्था को देना चाहूंगी
जिन्होंने सम्मानित कर उत्साह बढाया |

कभी सोचा नहीं था जीवन में ऐसा भी अवसर आयेगा
लेकिन ईश्वर की कृपा के साथ माता-पिता का आशीर्वाद 
वो इस दुनिया में नहीं पर उनका आशीर्वाद हमेशा साथ है 



श्री ललित जी के साथ ---

जलपान से प्रारंम्भ हुआ कार्यक्रम कई पड़ाव पार कर रात्री भोज के साथ सम्पन्न हुआ
हर पड़ाव बेहद विशेष रहा |
समूह चित्र ---------











शोभना संस्थान के लिए मेरी अशेष शुभकामनाएं हैं ये संस्था
यूँही अपने लक्ष्य की और बढती रहे ,


अंजू जी और सुमित प्रताप सिंह

नयी-नयी प्रतिभाओं को आगे लाती रहें
आपका हर कार्यक्रम सफल रहे |

आप को और आपकी संस्था को मेरी ढेरों शुभकामनाएं सुमित भाई ..............