एक प्रयास ---------17वीं सदी की रामायण की पांडुलिपि को 19वीं सदी के शुरुआत में
ब्रिटेन और भारत के बीच बांटा गया था
और अब ब्रिटिश लाइब्रेरी और मुंबई के सीएसएमवीएस संग्रहालय ने इसका डिजिटल संस्करण पेश किया है.

ब्रिटेन और भारत के बीच बांटा गया था
और अब ब्रिटिश लाइब्रेरी और मुंबई के सीएसएमवीएस संग्रहालय ने इसका डिजिटल संस्करण पेश किया है.
- उनके पिता कह रहे हैं कि उनके बाद वह राजा बनेंगे.
- तब अपनी पत्नी और भाई के साथ वनवास पर जाते राम.
- जिसमें इस यात्रा के विभिन्न चरणों में पात्रों को दिखाया गया है.
- वनवास के बाद जंगल में भटकने के दौरान उन्होंने अपने रहने की जगह बनाई.
- राम पहाड़ के रास्ते जाते हुए जहां फूलों वाले पेड़-पौधे देखकर वे हैरान हो रहे हैं.
- लेकिन इसके अलावा भी कई कलाकार इससे जुड़े थे.
- अयोध्या राज्य में राम की चरण पादुका को सिंहासन पर रखा गया है.
- उनके सौतेले भाई भरत ने राम को वापस लाने के लिए राज़ी करने की कोशिश की
- जो भगवान विष्णु का अवतार माने जाते हैं.
- उन्होंने 14 साल तक के वनवास का वचन पूरा करने के लिए
- वापस आने के लिए इनकार कर दिया.
- इस पांडुलिपि को रामायण का बेहद अहम और
- सुंदर संस्करणों में से एक माना जाता है.
- इस तस्वीर में राम और उनके भाई ने वानर सेना की मदद ली
- जब राम की पत्नी सीता का अपहरण एक दानव राजा ने कर लिया.
- राम एक युद्ध में धनुष से वार करते हुए.
- उन्होंने वानर राजा सुग्रीव के साथ भी गठजोड़ किया.
- कुछ हिस्से को उपहार के तौर पर पेश किया गया था.
- इसमें सुग्रीव अपनी सेना को अपहरण कर ली गई
- सीता को खोजने के लिए अलग-अलग हिस्से में बांट रहे हैं.
- राम ने निशानी के तौर पर अपनी अंगूठी हनुमान को दे दी
- जो दक्षिण के अभियान का नेतृत्व करेंगे.
- सीता कहती हैं कि उन्हें बचाने की ज़िम्मेदारी वह हनुमान को नहीं दे सकती हैं
- क्योंकि यह काम सिर्फ़ राम को ही करना होगा.
- हालांकि वह भी राम के लिए निशानी के तौर पर एक गहना भेजती हैं.
- और उन्हें पकड़ लिया गया.
- सृष्टिकर्ता भगवान ब्रह्मा के हस्तक्षेप से वह बचे.
- हालांकि हनुमान ने रावण से मिलने के लिए
- आत्मसमर्पण करने का फ़ैसला किया.
- और लंका पर हमला करने के लिए वानरों की एक सेना भी आगे बढ़ रही है.
- उन्होंने उत्तरी द्वार पर हमला किया जहां दानव राजा रावण का गढ़ है.
- हनुमान ने क़ैद से निकलकर रावण के राज्य में भारी तबाही मचाई
- और उनके हमले से रावण गिर पड़े.
- बाईं तरफ़ घायल लक्ष्मण भी अपने भाई के पैरों के पास पड़े हुए हैं.
- कुंभकर्ण को जगाने की कोशिश में जुटे हैं
- ताकि उन्हें भी लड़ाई में शामिल किया जाए.
- उनके लिए काफ़ी मात्रा में खाना और मृत जानवर परोसा गया है
- ताकि वह जगने पर खाएं. कुंभकर्ण को ज़्यादा सोने का शाप मिला था.
- तट पर जुलूस के साथ आते हैं.
- उनके साथ सुग्रीव, उनके भाई, वानर, भालू और अन्य लोग भी साथ में हैं.

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