Sunday, 12 May 2013

माँ , मम्मा

एक प्रयास ---------
तेरी मीठी मुस्कान और सुन्दर चेहरा आँखों के सामने है ........

तेरी प्यार भरी झिडकियां ,डांट , चिंता , गुस्सा और प्यार तेरी एक -एक अभिव्यक्ति से जुडी ना जाने कितनी यादें है ..........
सब एक अनमोल धरोहर है जो सुरक्षित है दिल के ख़ास , बहुत ख़ास कोने में ....
लगता है जैसे कल की ही बात है ...............बहुत याद आती है माँ , मम्मा ...............

8 comments:

  1. मां तो बस मां ही होती है, बहुत शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  2. सच कहा आपने .................राम -राम

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा आज सोमवार (13-05-2013) माँ के लिए गुज़ारिश :चर्चामंच 1243 में "मयंक का कोना" पर भी है!
    सभी को मातृदिवस की बधाई हो...!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. आभार शास्त्री जी :)

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    1. धन्यवाद सरिता जी

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  5. आँखें भीग गयी अरुणा सखी ....

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    1. धन्यवाद रमा सखी मेरी भावनाएं समझने के लिए

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आपके आगमन पर आपका स्वागत है .......
आपके विचार हमारे लिए अनमोल है .............